Sharab Poetry of Hakim Mohammad Ajmal Khan Shaida
नाम | हकीम मोहम्मद अजमल ख़ाँ शैदा |
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अंग्रेज़ी नाम | Hakim Mohammad Ajmal Khan Shaida |
जन्म की तारीख | 1868 |
मौत की तिथि | 1927 |
जन्म स्थान | Delhi |
कविताएं
Ghazal 8
Couplets 8
Love 6
Sad 4
Heart Broken 5
Bewafa 1
Hope 6
Friendship 4
Islamic 1
Sufi 1
ख्वाब 4
Sharab 5
मय न हो बू ही सही कुछ तो हो रिंदों के लिए
फिरता रहता हूँ मैं हर लहज़ा पस-ए-जाम-ए-शराब
जो होनी थी वो हम-नशीं हो चुकी
दर्द को रहने भी दे दिल में दवा हो जाएगी
चर्चा हमारा इश्क़ ने क्यूँ जा-ब-जा किया